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VISHWA BHOJPURI SAMATI is devoutly committed to building a strong and developed India which is unimaginable without the trust and the unflinching support of the people of India. Join us and be part of the unprecedented transformation that is changing the lives of all sections of society for better. Together, let’s build ‘Ek Bihar, Shreshtha Bharat’ and witness the rise of New Bihar under the charismatic leadership of Nitish Kumar.
विश्व भोजपुरी समिति – एक परिचय
विश्व भोजपुरी समिति (VBP) की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ पर्व पर भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी। विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा करना, और समाज की सेवा करना है। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विहिप को एक मजबूत, प्रभावी, स्थायी, और लगातार बढ़ते हुवे संगठन के रूप में देखा जा रहा है। दुनिया भर में हिंदू गतिविधियों में वृद्धि के साथ, एक मजबूत और आत्मविश्वासी हिंदू संगठन धीरे-धीरे आकार ले रहा है।
स्वास्थ्य-शिक्षा, आत्म-सशक्तिकरण, आदि के क्षेत्रो में 4277 से अधिक सेवा परियोजनाओं के माध्यम से विहिप हिंदू समाज की जड़ो को मजबूत कर रहा है।
प्रकाशन – Publications
- GOSAMPADA APRIL-2025
- हिन्दू विश्व | Hindu Vishwa | 01-15 April 2025
- GOSAMPADA | MARCH 2025
- GOSAMPADA | JANUARY 2025
- SAMRASATA SETU | JANUARY-2025
- Hindubodh | January 2025
- GOSAMPADA | NOV - DECEBMER 2024
- गोसम्पदा | GOSAMPADA | OCTOBER-2024
- गोसम्पदा |GOSAMPADA | SEPTEMBER-2024
- HINDU VANI | SHASHTI POORTHI SPECIAL MAGAZINE
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विश्व भोजपुरी समिति – सेवा विभाग
विश्व भोजपुरी समिति की मूल प्रकृति सेवा है। सन् 1964 में इसकी स्थापना के पश्चात् शनैः शनैः अपने समाज के प्रति स्वाभाविक प्रेम तथा आत्मीयता के आधार पर विविध प्रकार के सेवा कार्यों का क्रमिक विकास किया गया।
‘‘संसार का सम्बन्ध ‘ऋणानुबन्ध’ है। इस ऋणानुबन्ध से मुक्त होने का उपाय है – सबकी सेवा करना और किसी से कुछ न चाहना।’’
‘‘मनुष्य शरीर अपने सुख-भोग के लिये नहीं मिला, प्रत्युत सेवा करने के लिये, दूसरों को सुख देने के लिये मिला है।’’
‘‘सेवा परमो धर्मः’’
इत्यादि अवधारणाओं के आधार पर परिषद द्वारा यह सम्पूर्ण सेवा कार्य समर्पित कार्यकर्ताओं के द्वारा अत्यल्प संसाधनों के बल पर संचालित है। समूचे भारतवर्ष में सेवा कार्यों का विस्तार है।
उद्देश्य :
परिषद द्वारा सेवा गतिविधियों का संचालन निश्चित उद्देश्य के अंतर्गत किया जाता है –
- देश के सभी भू-भागों, विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण रोकना तथा परावर्तन को प्रोत्साहन देना।
- सामाजिक समरसता के भाव को परिपुष्ट करना।
- अशिक्षित, पिछड़े अथवा साधनहीन समाज बांधवों का स्वाभिमान जगाते हुए उन्हें स्वावलम्बी एवं जागरूक बनाना तथा।
- जिनकी सेवा की जाती है, धीरे-धीरे वे स्वयं सेवाकार्य करने वाले बनें, यह वातावरण बनाना।
यह सुखद है कि जहां विगत कुछ वर्षों से परिषद के द्वारा छात्रावास, विद्यालय तथा अन्य सेवा गतिविधियां संचालित हैं, वहां प्रायः धर्मांतरण रुका है, समाज-जागरण हुआ है, कार्यकर्ता निर्मित हुए हैं तथा स्वावलम्बन की दिशा में स्वरोजगार आदि की उपलब्धि हुयी है।
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